मुजफ्फरपुर। जिले के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित गृहस्ती इंडियन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ताओं ने एजेंसी परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन न केवल सिलेंडर वितरण में मनमानी कर रहा है, बल्कि हक मांगने पर उन्हें पुलिसिया कार्रवाई की धमकी भी दी जा रही है।

​हफ्ते भर से चक्कर काट रहे उपभोक्ता

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी सुकेश कुमार ने बताया कि उपभोक्ता पिछले एक सप्ताह से लगातार गैस एजेंसी की दहलीज पर माथा टेक रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ वापस भेज दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर ऑनलाइन बुकिंग कराई है और भुगतान भी कर दिया है, फिर भी कर्मचारी हर दिन आज-कल का बहाना बनाकर उन्हें टाल देते हैं।

​अवैध वसूली और धमकी का आरोप

​सिलौत के रहने वाले अमरजीत कुमार ने एजेंसी मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उपभोक्ताओं ने देरी का कारण पूछा, तो प्रबंधन सहयोग करने के बजाय उग्र हो गया। अमरजीत के अनुसार, एजेंसी मालिक ने समस्या सुनने के बजाय पुलिस बुलाकर पिटवाने की धमकी दी। इसके अलावा, कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि सिलेंडर के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक की अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है।

​डिजिटल व्यवस्था पर सवाल

​नाराज ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया और उज्ज्वला जैसी योजनाओं के जरिए पारदर्शी सेवाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है। एजेंसी की इस कार्यप्रणाली से लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति भी रोष देखा गया।

​एजेंसी मालिक का पक्ष

​इन आरोपों पर सफाई देते हुए एजेंसी मालिक आलोक चौधरी ने सभी दावों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ है। देरी का मुख्य कारण आपूर्ति श्रृंखला में बाधा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊपर से ही गैस की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच रही हैं। जैसे ही स्टॉक आता है, वरीयता के आधार पर तुरंत 100-200 सिलेंडर बांट दिए जाते हैं।