अतीश दीपंकर/भागलपुर। जिले के सुल्तानगंज अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनता दरबार अपनी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा का विषय बन गया। जमीन संबंधी विवादों के निपटारे के लिए पहुंचे दर्जनों फरियादियों ने अंचल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कुर्सी नहीं, कतार मिली: बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंचे थे। विडंबना यह रही कि शिविर में बुजुर्गों के बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं थी। घंटों तक कतार में खड़े रहने के कारण वृद्धों और बीमार फरियादियों को भारी शारीरिक कष्ट झेलना पड़ा। लोगों का आरोप है कि प्रशासन जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें कतारों में उलझाए रख रहा है।
मुखिया ने जताई नाराजगी: सभागार के उपयोग की मांग
मौके पर मौजूद कमरगंज पंचायत के मुखिया भरत कुमार ने प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों की सुनवाई प्रखंड सभागार में होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि सभागार में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुनने से समाधान की गुंजाइश बढ़ती है। मुखिया ने आरोप लगाया कि प्रभारी अंचलाधिकारी रमन कुमार अपने चेंबर में बैठकर सुनवाई कर रहे हैं, जिससे बाहर अव्यवस्था और लंबी कतारें लग रही हैं।
पूर्व की व्यवस्था को किया याद
फरियादी जिछो ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने पूर्व की व्यवस्था को बेहतर बताते हुए कहा कि जब तत्कालीन बीडीओ संजीव कुमार के पास प्रभार था तब सभागार में गरिमापूर्ण तरीके से सुनवाई होती थी। वर्तमान हालात की तुलना अस्पताल या राशन की कतारों से करते हुए लोगों ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में जनता दरबार का आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से हो ताकि इसकी गरिमा बनी रहे और लोगों को न्याय के लिए अपमानित न होना पड़े।
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