नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आगामी जनगणना से पहले एक अहम प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके तहत पहले चरण में शहर के लोगों के मकानों और उनके जीवन स्तर (आर्थिक स्थिति) से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस बार सर्वे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। जानकारी के मुताबिक, New Delhi Municipal Council (एनडीएमसी) क्षेत्र में रहने वाले लोग 15 अप्रैल तक अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। वहीं, Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) क्षेत्र के निवासियों को 1 से 15 मई के बीच यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इस नई व्यवस्था के तहत लोग स्वयं वेबसाइट पर जाकर अपने घर, उपलब्ध सुविधाओं और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भरेंगे। जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें एक यूनिक नंबर दिया जाएगा। बाद में जब जनगणना कर्मचारी घर-घर पहुंचेंगे, तो नागरिकों को केवल यही नंबर बताना होगा। कर्मचारी उस नंबर के आधार पर पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।

पूछे जाएंगे ये प्रमुख सवाल

राजधानी में प्रस्तावित जनगणना से पहले शुरू हो रहे हाउसिंग और जीवन स्तर सर्वे में इस बार नागरिकों से उनके मकान और दैनिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम सवाल पूछे जाएंगे। यह सर्वे पहले चरण का हिस्सा होगा, जिसके जरिए लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के दौरान लोगों से पूछा जाएगा कि वे किस प्रकार के मकान में रहते हैं और उनके घर की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री से बनी है। इसके अलावा यह भी जानकारी ली जाएगी कि वे मकान के मालिक हैं या किरायेदार।

सर्वे में घर के कमरों की संख्या और उसमें रहने वाले लोगों की कुल संख्या भी दर्ज की जाएगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घर में खाना बनाने के लिए अलग किचन है या नहीं, और शौचालय व नहाने की सुविधा अलग-अलग है या नहीं। खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर भी फोकस रहेगा। लोगों को बताना होगा कि वे पीएनजी/एलपीजी गैस का उपयोग करते हैं या किसी अन्य ईंधन पर निर्भर हैं। इसके अलावा पीने के पानी के स्रोत जैसे नल, हैंडपंप या अन्य साधनों की जानकारी भी ली जाएगी। सर्वे में परिवार की जीवनशैली से जुड़े पहलुओं को समझने के लिए यह भी पूछा जाएगा कि घर में इंटरनेट, फोन, टीवी, डीटीएच जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही साइकिल, बाइक और कार जैसे वाहनों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

सूचना रहेगी गोपनीय

अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई नागरिक खुद वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी भरता है, तो उसके घर आने वाले गणना अधिकारी केवल उसी जानकारी का सत्यापन करेंगे। जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन भरी गई जानकारी में यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो मौके पर ही उसका सुधार कर दिया जाएगा। इससे न केवल नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो सकेगी।

अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा लोगों के लिए स्वैच्छिक है, लेकिन इससे सर्वे कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सरकार को बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने लोगों की निजता को लेकर भरोसा दिलाते हुए कहा कि घर और परिवार से जुड़ी जो भी जानकारी जुटाई जाएगी, उसे पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इस डेटा का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और जनकल्याण नीतियों को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

ऐसे करें आत्मगणना (Self Enumeration)

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in को खोलें

यहां अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के जरिए रजिस्ट्रेशन करें

वेबसाइट पर दिए गए डिजिटल नक्शे (मैप) में अपने घर का स्थान चिन्हित करें

रजिस्ट्रेशन के बाद अलग-अलग चरणों में पूछे गए सवालों के जवाब दें

हर सवाल के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन करें

अंत में भरी गई जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी—सही होने पर फॉर्म सबमिट कर दें

क्या होगा फायदा?

लोगों को बार-बार जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी

गणना अधिकारी को केवल सत्यापन करना होगा

पूरी प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और आसान

सभी राज्यों के लिए अलग अवधि तय

देशभर में होने वाली जनगणना से पहले मकान और जीवन स्तर से जुड़ी जानकारी स्वयं देने (आत्मगणना) के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के अनुसार अलग-अलग समय-सीमा तय कर दी है। प्रत्येक राज्य को 15-15 दिनों की अवधि दी गई है, जिसमें नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

राजधानी दिल्ली में यह प्रक्रिया दो चरणों में होगी। New Delhi Municipal Council (एनडीएमसी) क्षेत्र के लिए 1 से 15 अप्रैल तक की अवधि तय की गई है, जबकि Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) क्षेत्र में रहने वाले लोग 1 से 15 मई के बीच आत्मगणना कर सकेंगे। वहीं अन्य राज्यों में भी अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं.

Uttarakhand: 10 से 24 अप्रैल

Chhattisgarh: 16 से 30 अप्रैल

Bihar: 17 अप्रैल से 1 मई

Jharkhand: 1 से 15 मई

Uttar Pradesh: 7 से 21 मई

अधिकारियों के अनुसार, इस निर्धारित अवधि के दौरान लोग घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद गणना अधिकारी घर पहुंचकर केवल जानकारी का सत्यापन करेंगे।

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