नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए Municipal Corporation of Delhi प्रशासन अब इन क्षेत्रों का ड्रोन सर्वे कराने जा रहा है। इस सर्वे के जरिए कॉलोनियों में मौजूद निर्माण और उनकी स्थिति का सटीक डेटा जुटाया जाएगा। निगम के भवन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने हाल ही में 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया है, जिसके संबंध में बीते सोमवार को अधिसूचना भी जारी की गई थी। इस फैसले के तहत इन कॉलोनियों में मौजूद निर्माण को ‘जैसा है, जहां है’ (As Is, Where Is) के आधार पर नियमित किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन सर्वे से प्रत्येक कॉलोनी का डिजिटल मैप तैयार किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस क्षेत्र में किस प्रकार का निर्माण मौजूद है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या अनियमितता की पहचान करना आसान होगा। हालांकि, नियमितीकरण के बाद भी नए निर्माण पर सख्त नियम लागू होंगे। निगम ने स्पष्ट किया है कि इन कॉलोनियों में आगे होने वाले सभी निर्माण कार्य केवल दिल्ली के भवन नियमों के अनुसार ही किए जा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निगम के भवन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन कॉलोनियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत GPS सर्वे के जरिए मौके की तस्वीरें ली जाएंगी, जिससे मौजूदा निर्माण की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह सिस्टम सिर्फ वर्तमान निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों पर भी नजर रखेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि नियमितीकरण के बाद कोई भी निर्माण निर्धारित नियमों के खिलाफ न हो।

प्रशासन का मानना है कि ड्रोन और GPS तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी। साथ ही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पहचान समय रहते की जा सकेगी, जिससे कार्रवाई करना आसान होगा। इसके अलावा आवास और शहरी मामलों द्वारा नियमित की गई 1511 कॉलोनियों में अब निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बड़े स्तर पर ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य को Survey of India के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। इन कॉलोनियों के करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए ड्रोन से मैपिंग की जा रही है, जिसमें अब तक लगभग 20 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है। यह ड्रोन सर्वे एक बार का नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर लगातार किया जाएगा, ताकि निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी बनी रहे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि नियमितीकरण के बाद भी कोई अवैध निर्माण न हो। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर किसी कॉलोनी में स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के बिना निर्माण कार्य होता पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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