Dharm Desk – Vaishakh Amavasya 2026 : आज शुक्रवार, 17 अप्रैल को वैशाख कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है. जिसे सतुवाई अमावस्या के नाम से जाना जाता है. अमावस्या तिथि शाम 5 बजकर 22 मिनट तक रहेगी. आज पूरे दिन और रात सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना हुआ है. जबकि रेवती नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 3 मिनट तक रहेगा. यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण समझा जाता है.

शनिदेव और शुक्र देव की पूजा
सतुवाई अमावस्या पर स्नान, दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी या शुद्ध जल से स्नान कर पितरों का तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है. पितृ दोष का निवारण होता हैं. भगवान विष्णु की पूजा के साथ अमावस्या की कथा पढ़ना भी शुभ माना गया है. इसके अलावा शनिदेव और शुक्र देव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है.
आज स्नान, दान का महत्व
इस दिन सत्तू का दान और सेवन प्रमुख परंपरा है. वैशाख महीने की तेज गर्मी में सत्तू शरीर को शीतलता प्रदान करता है, इसलिए इसे दान करना पुण्यदायी माना गया है. इसके साथ ही मिट्टी का घड़ा, पंखा, छाता, ककड़ी, तरबूज, तिल, गुड़, अन्न और वस्त्र का दान करना अक्षय पुण्य देने वाला माना जाता है.
आज पंचक का अंतिम दिन
पंचांग के अनुसार आज पंचक का अंतिम दिन भी है, जो लगभग दोपहर 1 बजे समाप्त हो जाएगा. हालांकि इसका अमावस्या के व्रत, पूजन या दान पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं माना गया है. अमावस्या के दिन किया गया दानपुण्य न केवल पितरों को तृप्त करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति भी प्रदान करता है.
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