नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच सियासी टकराव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर राघव चड्ढा अपनी पूर्व पार्टी पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और संगठन के मौजूदा हालात को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP उन्हें “गद्दार” बताकर पलटवार कर रही है। पार्टी नेताओं द्वारा उनके राजनीतिक सफर में AAP की भूमिका गिनाई जा रही है। विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब निजी जीवन तक पहुंच गया है। AAP की ओर से यह तक दावा किया गया कि चड्ढा की परिणीति चोपड़ा से शादी में भी पार्टी की भूमिका रही है।
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के अपने फैसले को लेकर एक और वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने विस्तार से बताया कि आखिर किन कारणों से उन्हें इतना बड़ा राजनीतिक कदम उठाना पड़ा। राघव चड्ढा ने कहा कि वह चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) का करियर छोड़कर राजनीति में आए थे और AAP के संस्थापक सदस्य बने। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन के 15 साल इस पार्टी को दिए और इसे खून-पसीने से सींचा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि समय के साथ पार्टी का माहौल “जहरीला” हो गया है और यह कुछ भ्रष्ट लोगों के प्रभाव में आ गई है, जो देशहित के बजाय निजी लाभ के लिए काम कर रहे हैं। अपने फैसले को समझाते हुए चड्ढा ने कहा कि उनके सामने तीन विकल्प थे राजनीति छोड़ना, पार्टी के भीतर रहकर सुधार की कोशिश करना या फिर किसी नए मंच से सकारात्मक राजनीति करना। उन्होंने बताया कि उन्होंने तीसरा विकल्प चुना। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “अगर आप जहां नौकरी करते हैं, वहां का माहौल जहरीला हो जाए, आपको काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो क्या आप काम कर पाएंगे? ऐसे में कार्यस्थल बदलना ही बेहतर होता है।”
नौकरी बदलते हुए नोटिस दिया जाता है- AAP
AAP नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने वीडियो जारी कर चड्ढा के तर्कों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नौकरी बदलने और राजनीतिक दल बदलने में फर्क होता है, क्योंकि राजनीति विचारधारा पर आधारित होती है, जबकि नौकरी व्यक्तिगत करियर का हिस्सा होती है। भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब लोग नौकरी बदलते हैं तो वे आमतौर पर तीन महीने का नोटिस देते हैं और अपने काम का पूरा ट्रांजिशन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक जिम्मेदारी होती है और लोग जाते समय अपने कार्य को नुकसान नहीं पहुंचाते। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राजनीतिक फैसले अचानक और बिना पारदर्शिता के लिए गए, और यह भी कहा कि ऐसे कदमों से संगठन को नुकसान पहुंचता है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस कथित योजना में केंद्र सरकार से जुड़े कुछ मुद्दों को जानबूझकर उठवाया गया, ताकि राघव चड्ढा की सार्वजनिक छवि मजबूत की जा सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर सस्ते समोसे, रिचार्ज नियम और गिग वर्कर्स से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से संकेत दिए जाते थे कि इन विषयों को संसद या सार्वजनिक मंच पर उठाया जाए। AAP नेता के अनुसार, यह सब एक रणनीति का हिस्सा था, जिसके जरिए राजनीतिक लाभ और मीडिया में सुर्खियां हासिल करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा और केंद्र सरकार की भूमिका भी रही है।
शादी इसलिए हो पाई कि AAP ने राज्यसभा सदस्य बनाया
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि चड्ढा को जो पहचान और राजनीतिक अवसर मिले, वे उनकी पार्टी की वजह से मिले। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि वह राज्यसभा सांसद नहीं होते तो आज उनकी निजी और सार्वजनिक पहचान इतनी मजबूत नहीं होती। उन्होंने कहा, “आपको पार्टी छोड़नी थी, छोड़ सकते थे, लोग आपको गाली नहीं देते। गाली इसलिए दी जा रही है कि आपने अपनी पार्टी, जिसने आपको सबकुछ दिया, आज आपकी शादी भी हो पाई ना तो इसलिए कि आप राज्यसभा के सदस्य बनाए गए, वरना कोई नहीं पूछता आपको।” AAP नेता ने आगे आरोप लगाया कि चड्ढा ने संगठन के खिलाफ साजिश की और पूरी टीम को तोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी दलीलें दी जाएं, जनता इस कदम को सकारात्मक रूप में नहीं देख रही है। गौरतलब है कि राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की शादी सितंबर 2023 में हुई थी, जिसे लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में आ गई है।
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