फिरोजपुर। रेलवे ने लंबे समय से लंबित 40 किलोमीटर लंबी कादियां-ब्यास रेल लाइन पर काम फिर से शुरू करने का फैसला किया है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अधिकारियों को इस परियोजना को फिर से चलाने के निर्देश दिए हैं। बिट्टू ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब के रेलवे प्रोजैक्ट्स के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
मैं भी लगातार नए प्रोजैक्ट शुरू करने, लंबित प्रोजैक्ट पूरे करने और अप्रत्याशित कारणों से बंद पड़े प्रोजैक्ट्स को पुनर्जीवित करने में जुटा हूं।
पहले मोहाली-राजपुरा, फिरोजपुर-पट्टी और अब कादियां-ब्यास मुझे पूरी तरह पता था कि यह लाइनें कितनी महत्वपूर्ण है। इसी वजह से मैंने अधिकारियों को सभी बाधाएं दूर करके निर्माण कार्य फिर से शुरू करने के निर्देश दिए है। यह नई रेल लाइन क्षेत्र के इस्पात नगरी कहे जाने वाले बटाला की संघर्ष कर रही औद्योगिक इकाइयों को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी।

इस परियोजना का इतिहास बहुत पुराना
इस परियोजना का इतिहास बहुत पुराना है-इसे सबसे पहले 1929 में ब्रिटिश सरकार ने मंजूरी दी थी और नॉर्थ-वैस्टर्न रेलवे ने काम शुरू किया था। 1932 तक लगभग एक-तिहाई काम पूरा हो चुका था, लेकिन अचानक परियोजना बंद कर दी गई थी। रेलवे ने इसे सामाजिक रूप से वांछनीय परियोजना का दर्जा दिया और 2010 के रेल बजट में शामिल किया था। लेकिन योजना आयोग द्वारा उठाई गई वित्तीय चिंताओं के कारण काम एक बार फिर रुक गया।
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