किशनगंज। भारत के गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार दौरे का आज दूसरा दिन है। सुबह की शुरुआत किशनगंज के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहां उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। इसके बाद शाह अररिया के लिए रवाना हुए, जहां वे सीमा सुरक्षा और घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों पर बड़ी बैठकें करेंगे।
सुरक्षा और आधारभूत संरचना पर जोर
आज अररिया में गृहमंत्री करीब छह घंटे रहेंगे। वे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लेट्टी सीमा चौकी का निरीक्षण करेंगे और नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, शाह सात सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ बैठक कर मानव तस्करी, पशु तस्करी और ड्रग्स के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे। शाम को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की समीक्षा के बाद वे पूर्णिया प्रस्थान करेंगे।
राजनीतिक हलचल और RJD के आरोप
शाह के इस दौरे ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। राजद (RJD) महासचिव रणविजय साहू ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि केंद्र सरकार बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की साजिश रच रही है। उधर, बुधवार रात शाह ने मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास पर भाजपा नेताओं के साथ आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी गुप्त रणनीति बनाई।
चिकन नेक की सुरक्षा है प्राथमिकता
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करना इस दौरे का मुख्य लक्ष्य है। बांग्लादेश और नेपाल की वर्तमान स्थितियों को देखते हुए, शाह ने अधिकारियों को इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने और तकनीकी निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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