पटना। ​भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह अब संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। शुक्रवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पवन सिंह के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में अहम बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि बीजेपी पवन सिंह को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर चुकी है।

​मुलाकात के बाद बोले पवन

​नितिन नवीन से मुलाकात कर बाहर निकले पवन सिंह के तेवर बदले हुए नजर आए। राज्यसभा जाने के सवाल पर उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा, मैं पार्टी का एक छोटा सा सिपाही हूं। यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी और मैंने बड़े भाई का आशीर्वाद लिया है। आगे की भूमिका पर जो मालिक (पार्टी नेतृत्व) चाहेंगे, वही होगा।

​आसनसोल से इनकार

​पवन सिंह और बीजेपी का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से टिकट दिया था जिसे पवन सिंह ने ठुकरा दिया था। बाद में बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर उन्होंने एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा की राह मुश्किल कर दी थी जिससे बीजेपी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा था।

​विधानसभा चुनाव में संकटमोचक की भूमिका

​लोकसभा की कड़वाहट को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह का भरपूर उपयोग किया। पवन सिंह ने न केवल बड़े मंचों से बीजेपी के लिए प्रचार किया, बल्कि अपनी गायकी और लोकप्रियता के दम पर एनडीए के पक्ष में माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। माना जा रहा है कि इसी ईमानदारी का फल अब उन्हें राज्यसभा सीट के रूप में मिल सकता है।

​बिहार में राज्यसभा का अंकगणित

​बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। अधिसूचना 16 फरवरी को जारी होगी। जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर और आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता समेत 5 सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से एनडीए की स्थिति मजबूत है और पवन सिंह का नाम इस बार रेस में सबसे आगे दिखाई दे रहा है।