देहरादून. धामी सरकार जनता को सुशासन का पाठ तो खूब पढ़ाती है. कागजों और आंकड़ों में प्रदेश में सुशासन की तस्वीरें भर-भर दिखाती है. लेकिन असल में प्रदेश में सुशासन जैसी चीज तो है ही नहीं. अगर होती तो प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम का माहौल न बनता. सड़क पर हिंदू संगठन के लोग ये लिखने की हिमाकत न करते कि ये रोड मुसलमानों के लिए नहीं है. अब हिंदू संगठन द्वारा लिखा गया स्लोगन सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. ऐसे में सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या धामी राज में अब यही होगा?

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बता दें कि हिंदू रक्षक दल के 3 लोगों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर सड़क किनारे विवादित स्लोगन लिखा है. युवक-युवतियों ने लिखा, मुसलमानों के लिए यह रोड नहीं है. उसके बाद इंग्लिश में भी लिखा- ‘This road is not allowed for Muslims.’ जिसका लिखने वालों ने बकायदा वीडियो भी बनाया और फिर हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए जिम्मेदारी ली.

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इससे 2 दिन पहले भी उत्तराखंड के रुद्रपुर से एक विवादित मामला सामने आया था. जहां शाहिद नाम का एक बुजुर्ग मजदूर खाली जमीन पर नमाज अदा कर रहा था. इसी दौरान अरविंद शर्मा नामक व्यक्ति ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया, थप्पड़ मारे, लात और डंडे से पिटाई की. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने “समान नागरिक संहिता’ की बात करने वाली धामी सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिए थे.