चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है. पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रही है. चैत्र अमावस्या 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी, इसके साथ प्रतिपदा आरंभ होगी और इसी दिन से नवरात्रि शुरू होगी. 9 दिनों तक चलने वाला यह पर्व परंपरागत रूप से घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ आरंभ होता है, जो एक शुभ मुहूर्त में देवी का आह्वान करने के लिए किया जाता है. घटस्थापना का उद्देश्य घर में सुख- शांति की स्थापना करना है. इसे करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं. परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा करते हैं, जिससे आपसी प्रेम और सौहार्द की भावना बढ़ती है.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

19 मार्च को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक रहेगा. लाभ चौघड़िया 12:29 से 1:59 तक रहेगा. इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा.

सुबह का शुभ मुहूर्त

सुबह 6:54 से 7:57 तक शुभ चौघड़िया में भी कलश स्थापना की जा सकती है.

घटस्थापना का उद्देश्य

घटस्थापना शुभ मुहूर्त में देवी के आह्वान के लिए की जाती है. इससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है.

पंचक और खरमास

15 मार्च से खरमास शुरू हो चुके हैं. इस दौरान मां दुर्गा और नौ स्वरूपों की पूजा करने के साथ सूर्य देव की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी. नवरात्रि के दौरान पंचक भी रहेगा इसकी शुरुआत 16 मार्च शाम 6:14 से शुरू होकर 20 मार्च रात 2:28 तक होगी.