भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को ‘समृद्ध और विकसित ओडिशा’ के निर्माण में जल सुरक्षा की अहम भूमिका पर जोर दिया। वे विश्व जल दिवस के अवसर पर लोक सेवा भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य जल प्रबंधन में लैंगिक असमानता को समाप्त करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ‘जल साथी’ के रूप में जोड़ा गया है।

इस वर्ष की थीम ‘जल और लैंगिक समानता’ के अनुरूप उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना और पानी का सही उपयोग करना समय की बड़ी जरूरत है।

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि ओडिशा विजन डॉक्यूमेंट 2036 और 2047 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए जल सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि पानी की एक-एक बूंद की बचत की जाए और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए।

बच्चों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही जल संरक्षण की शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य के ‘जल योद्धा’ बन सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 2,612 करोड़ रुपये की जल संसाधन परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया। इनमें 2,292 करोड़ रुपये की 17 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जबकि 320 करोड़ रुपये की लागत से 124 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।