मुजफ्फरपुर। जिले से एक मामला सामने आया है, जहां अंतरजातीय विवाह करने वाले एक युवक, अमित कुमार पाण्डेय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जहां पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया है।

​देर रात मिली मौत की सूचना

​घटना की जानकारी तब हुई जब 19 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे मृतक के भाई, गौतम कुमार पाण्डेय को एक अनजान नंबर से फोन आया। सूचना मिलते ही परिजन वैशाली के मांगनपुर गांव से मुजफ्फरपुर के भीखनपुरा स्थित महाराणा नगर (रोड नंबर-05) पहुंचे। वहां पता चला कि पुलिस अमित को अस्पताल ले जा चुकी है।

​प्रेम विवाह और बढ़ता पारिवारिक कलह

​परिजनों के अनुसार, अमित ने साल 2020 में तुर्की थाना क्षेत्र की रागनी प्रजापति के साथ कोर्ट मैरिज की थी। शादी के शुरुआती एक साल तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में दरार आने लगी। गौतम का आरोप है कि उनकी भाभी और ससुराल पक्ष के लोग अमित पर पैतृक जमीन बेचकर शहर में बसने का लगातार मानसिक दबाव बना रहे थे। इसी प्रताड़ना और विवाद के कारण अमित गांव छोड़कर मुजफ्फरपुर में रहने को मजबूर हुए थे।

​साजिश या आत्महत्या?

​मृतक के भाई ने पुलिस की आत्महत्या वाली थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अमित के स्वभाव को देखते हुए वह ऐसा कदम नहीं उठा सकता था। पूर्व में भी अमित के साथ मारपीट की घटनाएं हुई थीं, जिसे तब समझौते से सुलझा लिया गया था। परिजनों का सीधा आरोप है कि पत्नी और ससुराल वालों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। अमित ‘हिंदू पुत्र संगठन’ वैशाली से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।

​जांच में जुटी पुलिस

​अमित का शव जब उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां मातम पसर गया। वर्तमान में पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।