कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस में फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने हाईकोर्ट में स्पष्ट कहा है कि वह अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं। मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधायक निर्मला सप्रे के इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि निर्मला सप्रे बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने मई 2024 में स्पीकर को पत्र लिखकर निर्मला सप्रे की विधायक सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। जब स्पीकर की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, तब उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
उमंग सिंघार के वकील ने कोर्ट को बताया कि 2023 के लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे पर सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ बीजेपी में शामिल होने और बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने के आरोप लगे थे। उनके वकील ने सोशल मीडिया पोस्ट्स को भी सबूत के रूप में पेश किया।
कोर्ट का फैसला
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को 9 अप्रैल तक सबूत पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। बता दें कि निर्मला सप्रे ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर बिना सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी महेश राय को 6155 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी।
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