ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल (NSC) ने 7 अप्रैल को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को भंग कर दिया। बोर्ड के प्रेसीडेंट और पूर्व कप्तान अमीनुल इस्लाम बुलबुल (Aminul Islam Bulbul) को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब पूर्व कप्तान तमीम इकबाल (Tamim Iqbal) की अगुवाई में 11 सदस्यीय एड-हॉक कमेटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अगले 90 दिनों में नए चुनाव कराएगी।

NSC के इस फैसले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को भी दे दी गई है। नई कमेटी को अंतरिम अवधि में बोर्ड के सभी प्रशासनिक और क्रिकेट संचालन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार दिया गया है।

चुनाव में अनियमितताओं के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में हुए बोर्ड चुनाव में व्यापक अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। जांच में यह भी पाया गया कि तत्कालीन अध्यक्ष बुलबुल द्वारा 10 पूर्व क्रिकेटरों को एकतरफा नामित किए जाने से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। इसी आधार पर NSC ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे बोर्ड को भंग कर दिया।

T20 वर्ल्ड कप विवाद बना बड़ा कारण

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए T20 वर्ल्ड कप (ICC Men’s T20 World Cup) से जुड़ा विवाद भी इस कार्रवाई की बड़ी वजह रहा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था और अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी। ICC ने इस मांग को ठुकराते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।

भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, उस समय अंतरिम सरकार के सलाहकार आसिफ नजरुल के प्रभाव में बोर्ड ने भारत-विरोधी रुख अपनाया था। अब नई सरकार बनने के बाद बांग्लादेश भारत के साथ रिश्ते सुधारने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से भी संपर्क बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। हाल ही में प्रस्तावित द्विपक्षीय सीरीज को लेकर BCB की ओर से BCCI को ईमेल भी भेजा गया है।

तमीम के सामने बड़ी चुनौती

पिछले कुछ दिनों में BCB के छह डायरेक्टर्स पहले ही इस्तीफा दे चुके थे, जिससे बोर्ड में अस्थिरता बढ़ गई थी। ऐसे में अब तमीम इकबाल के सामने बोर्ड को स्थिर करना और पारदर्शी चुनाव कराना बड़ी चुनौती होगी। एड-हॉक कमेटी में अतहर अली खान, राशना इमाम, मिर्जा यासिर अब्बास, सैयद इब्राहिम अहमद, मिनहाजुल आबेदीन नन्नू, इशराफिल खुसरो, तंजिम चौधरी, सलमान इशपहानी, रफीकुल इस्लाम और फहीम सिन्हा को शामिल किया गया है।

NSC का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता लाना, भरोसा बहाल करना और खेल के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। अब सबकी नजर ICC की प्रतिक्रिया और अगले 90 दिनों में होने वाले नए चुनावों पर टिकी है।

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