ओडिशा विजिलेंस की एक बड़ी कार्रवाई में सिंचाई विभाग के एडिशनल चीफ़ इंजीनियर राजेश चंद्र मोहंती की आलीशान ज़िंदगी का पर्दाफ़ाश हुआ है। उन्हें आय से ज़्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है।

उनके भुवनेश्वर स्थित घर, ढेंकानाल के फ़ार्महाउस और रिश्तेदारों के घरों समेत छह जगहों पर एक साथ मारे गए छापों में 8 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति का पता चला है।

विजिलेंस अधिकारियों ने बरमुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक तीन-मंज़िला घर, तीन ज़िलों में कई प्लॉट, एक आलीशान फ़ार्महाउस, कई गाड़ियाँ और 1.70 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि ज़ब्त की है। जाँचकर्ताओं को 20 महंगी कलाई घड़ियाँ, 350 ग्राम सोने के गहने, 6.23 लाख रुपये नकद और ऐसे दस्तावेज़ भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि मोहंती ने अकेले 2025 में हवाई यात्रा पर 13.47 लाख रुपये खर्च किए थे।

सूत्रों के मुताबिक, मोहंती कथित तौर पर सरकारी काम के लिए पैसे की मांग करते थे, ठेकेदारों के साथ गुपचुप साझेदारियाँ रखते थे और मुनाफ़ा कमाने के लिए बेहिसाब पैसे का निवेश करते थे। पिछले साल उनके ख़िलाफ़ कई शिकायतें मिलने के बाद ये छापे मारे गए, जिसके बाद विजिलेंस ने बुधवार की इस कार्रवाई के लिए अदालत से अनुमति ली थी।

मोहंती, जो 1994 में नौकरी में आए थे और 2021 में एडिशनल चीफ़ इंजीनियर के पद तक पहुँचे, हाल ही में डैम सेफ़्टी विंग में तैनात थे। जाँचकर्ता अब उनके वित्तीय लेन-देन और यात्रा के रिकॉर्ड की बारीकी से जाँच कर रहे हैं।