दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने हथियार सलाहकार संजय भंडारी (Sanjay Bhandari) को बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugitive Economic Offender) घोषित किया गया था। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत का आदेश कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दिया गया था, इसलिए उसमें हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने स्पष्ट कहा कि हथियार सलाहकार संजय भंडारी की अपील में कोई दम नहीं है। कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि भंडारी लंबे समय से भारत से बाहर रहकर जांच और कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं। ऐसे में उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugitive Economic Offender) घोषित करना पूरी तरह उचित है।

क्या है पूरा मामला

हथियार सलाहकार संजय भंडारी पर मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। साल 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद वह भारत छोड़कर लंदन चले गए थे और तब से वहीं रह रहे हैं। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ जांच शुरू की और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। जांच एजेंसी का कहना है कि भंडारी ने अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की। ईडी की जांच में भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त  एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां अवैध रूप से जुटाई गई थीं ईडी का दावा है कि जब्त की गई संपत्तियां सीधे तौर पर कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ी हैं, जिनकी जांच अभी भी जारी है।

निचली अदालत का फैसला

पिछले साल 5 जुलाई को बड़ा कदम उठाया गया था, जब रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी (Fugitive Economic Offender) घोषित किया। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा था कि सिर्फ इसलिए कि आरोपी को विदेश से भारत नहीं लाया जा सका, इसका मतलब यह नहीं कि वह कानून से बच सकता है। कोर्ट ने माना कि कानून की प्रक्रिया से बचने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में दलील दी थी कि भंडारी लगातार जांच से बच रहे हैं विदेश में रहकर कानूनी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है  फरवरी 2017: ईडी ने आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया 2020: मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की गई जांच के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और विदेशों में संपत्ति खरीद के सुराग मिले ईडी का कहना है कि भंडारी के खिलाफ मिले सबूत गंभीर आर्थिक अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं, जिनमें विदेशों में संपत्ति खरीद भी शामिल है।

रॉबर्ट वाड्रा कनेक्शन

इस मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा का नाम भी सामने आया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2023 में दाखिल अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया कि लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित एक मकान को भंडारी ने 2009 में खरीदा था। एजेंसी के मुताबिक, इस संपत्ति के नवीनीकरण में रॉबर्ट वाड्रा की भूमिका रही और इसके लिए फंडिंग भी उनकी ओर से की गई।

हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और उन्होंने कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में वाड्रा का नाम शामिल लंदन की प्रॉपर्टी की खरीद और रेनोवेशन को लेकर आरोप वाड्रा की ओर से आरोपों का लगातार खंडन इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के फैसले को बरकरार रखने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई में और मजबूती मिलेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m