किशनगंज। जिले में दहेज लोभियों का एक क्रूर चेहरा सामने आया है। चकलिया थाना क्षेत्र के नजामपुर गांव की रहने वाली अहमदी बेगम (32) ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि अब उसे जान से मारने और पति की दूसरी शादी कराने की धमकी दी जा रही है।

​निकाह के बाद से ही शुरू हुआ जुल्म

​अहमदी बेगम की शादी 21 अप्रैल 2017 को खानका रूईध पासा निवासी मोहम्मद सज्जाद आलम (34) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति सज्जाद, ससुर, दो देवर, भाभी और ननद ने उन पर 5 लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता की विधवा मां ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था और मोटरसाइकिल के लिए अलग से एक लाख रुपये भी चुकाए थे, लेकिन लालची ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ।

​6 साल के बेटे के बाद भी नहीं बदला रवैया

​अहमदी ने अपने घर को टूटने से बचाने के लिए वर्षों तक ज़ुल्म सहा। इस दौरान उन्होंने एक बेटे, अहमद रजा (6), को जन्म भी दिया। उन्हें उम्मीद थी कि संतान होने के बाद शायद ससुराल वालों का मन बदल जाए, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला और बढ़ गया। थक-हारकर पीड़िता 15 जून 2025 को अपने मायके दौला गांव चली गईं। वहां भी उनकी मां ने सुलह की कोशिश की, लेकिन ससुराल वाले दहेज की मांग पर अड़े रहे।

​मायके में मारपीट और दूसरी शादी की धमकी

​मामला तब और गंभीर हो गया जब 1 अप्रैल 2026 को पति सज्जाद आलम अपने परिजनों और तीन अज्ञात युवकों के साथ अहमदी के मायके पहुंच गया। वहां उन्होंने पीड़िता और उसकी मां के साथ मारपीट की और खुलेआम धमकी दी कि यदि पैसे नहीं मिले, तो वे सज्जाद की दूसरी शादी अब्दुल मतीन (नजरपुर) के परिवार में करा देंगे।

​पुलिस की कार्रवाई और न्याय की गुहार

​पीड़िता ने महिला थाना अध्यक्ष सुनीता कुमारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नामजद अभियुक्तों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लालच में आकर उसका जीवन बर्बाद करने की साजिश रच रहे हैं।