हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 19 जून को तीन सीटों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, जिन पर जून में चुनाव होना तय है। आंकड़ों के हिसाब से दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही हैं, लेकिन असली मुकाबला अब पार्टियों के अंदर शुरू हो गया है।

पिछली बार बीजेपी से जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी राज्यसभा पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस कोटे से दिग्विजय सिंह सांसद बने थे। इस बार कांग्रेस की एक सीट पर कई दावेदार सक्रिय हो गए हैं और अंदरखाने जोरदार लॉबिंग शुरू हो चुकी है।इसी बीच इंदौर से पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने खुलकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है। 

उन्होंने कहा, “मैं पार्षद, विधायक, मंत्री और लोकसभा सदस्य रह चुका हूं। मुझे संसदीय कार्यप्रणाली का पूरा ज्ञान है।”वर्मा ने सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व को संदेश देते हुए कहा, “संसद में ऐसे व्यक्ति को भेजना चाहिए जिसे अनुभव हो। इस वक्त बीजेपी को संसद में मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है, जो मैं दे सकता हूं।”अब सवाल यह है कि कांग्रेस नेतृत्व अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताता है या फिर किसी नए समीकरण के साथ चौंकाने वाला फैसला करता है। फिलहाल राज्यसभा की एक सीट ने कांग्रेस में अंदरूनी सियासत को गरमा दिया है। 

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