पटना। राजधानी के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राजद (RJD) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अभिनंदन समारोह में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी राजनैतिक ताकत का प्रदर्शन किया। चांदी का मुकुट पहनकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए तेजस्वी ने साफ कर दिया कि वह आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा बदलने के लिए तैयार हैं।

​विरासत और संघर्ष का संकल्प

​समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने भावुक और आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने कहा, हम पर कई झूठे मुकदमे किए गए हैं, लेकिन हमारी रगों में लालू जी का खून है। जब लालू जी विरोधियों के सामने कभी नहीं झुके, तो उनका बेटा भी हार नहीं मानेगा। उन्होंने ओसामा साहब पर हुए केस को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समाज हमेशा राजद की ताकत रहा है और आने वाला समय इसी गठबंधन का होगा।

​सत्ता पक्ष पर तीखा हमला

​तेजस्वी ने वर्तमान नीतीश सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ‘तंत्र-मंत्र’ से सरकारें बन रही हैं और दो महीनों से कैबिनेट की बैठक तक नहीं हुई है। तेजस्वी ने सरेआम हो रही हत्याओं, गैंगरेप की घटनाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को जनता की नहीं, केवल अपनी कुर्सी की चिंता है।

​सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुटता की अपील

​भाजपा और आरएसएस पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में कुछ गलतियां हुई होंगी, जिन्हें सुधारकर सबको साथ लेकर चला जाएगा। तेजस्वी ने कहा, यह समय अपनों से नहीं, बल्कि नफरत फैलाने वाले दुश्मनों से लड़ने का है। जो नेता भड़काऊ भाषण देते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, उनका पुरजोर विरोध होना चाहिए।

​भविष्य की रणनीति पर मंथन

​इस भव्य समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और डॉ. अनवर आलम समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि तेजस्वी को कहना पड़ा कि हॉल छोटा पड़ गया है। इस कार्यक्रम के जरिए राजद ने न केवल अल्पसंख्यक समाज में अपनी पैठ मजबूत की, बल्कि आगामी चुनावों के लिए अपनी चुनावी रणनीति की धार भी तेज कर दी है।