कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में अपात्रों को ‘बोनस अंक’ दे दिए। चयन सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि मेरिट लिस्ट अंतिम फैसले के अधीन होगी। वहीं कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में अपात्रों को ‘बोनस अंक’ देने पर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से 5% बोनस अंक दिए गए। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा हैं।

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क्या है नियम

नियम के अनुसार, केवल उन उम्मीदवारों को 5% बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ (RCI) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा है। चयन सूची में लगभग 14,964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए। याचिका में बताया गया कि मध्य प्रदेश में RCI पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। ऐसे में लगभग 15,000 उम्मीदवारों को बोनस अंक देना अपने आप में सवाल खड़े करता है।

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27 अप्रैल को होगी सुनवाई

याचिकाकर्ता के वकील विशाल बघेल ने बताया कि कर्मचारी चयन मंडल की ओर से प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। 27 फरवरी को मेरिट लिस्ट जारी की गई है। बिना सत्यापन के पांच प्रतिशत बोनस अंक दिए गए है। इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मेरिट सूची को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन किया है। साथ ही व्यापम और राज्य शासन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 अप्रैल को होगी।

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