Rajasthan School Sarthak Naam Abhiyan Postponed: राजस्थान के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अटपटे नाम बदलकर उन्हें नया ‘सार्थक’ नाम देने का अभियान फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। भारी विरोध और सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद विभाग को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं।

AI के भरोसे छोड़ा काम, तो हो गई बड़ी गलती
दरअसल, शिक्षा विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से करीब 2950 नामों की एक सूची तैयार करवाई थी। विभाग का इरादा तो नेक था कि बच्चों को हीन भावना से बचाने के लिए सम्मानजनक नाम दिए जाएं, लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उल्टा। ग्राउंड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस लिस्ट में विभाग ने ऐसे-ऐसे नाम शामिल कर दिए जो खुद ही विवादों का कारण बन गए।
लिस्ट में कैसे नाम थे?
जब यह सूची सार्वजनिक हुई, तो लोग दंग रह गए। लिस्ट में बच्चों के लिए जो नाम सुझाए गए थे, उनमें भयंकर, मक्खी, दहीभाई, अंधकार, भिक्षा और बेचारादास जैसे शब्द शामिल थे। अभिभावक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई कि क्या बच्चों को ऐसे नाम दिए जाएंगे? सूची में लड़के और लड़कियों के जेंडर को लेकर भी बड़ी गलतियां थीं। सामान्य हिंदी के शब्दों की स्पेलिंग में इतनी गलतियां थीं कि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
मंत्री के कार्यालय से आया बड़ा अपडेट
बता दें कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बड़े उत्साह के साथ इस अभियान की शुरुआत की थी। उनका मानना था कि अर्थहीन नामों से बच्चों में हीन भावना आती है। हालांकि, अब बढ़ते विरोध को देखते हुए मंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया है कि अभियान को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और इस पर दोबारा विचार किया जाएगा।
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