Rajasthan Teachers Protest: राजस्थान में तपती गर्मी के बीच अब सियासी और सामाजिक पारा भी चढ़ गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छुट्टियों पर चली कैंची ने शिक्षकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। सोमवार को राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने जयपुर के कलेक्ट्रेट सर्किल पर जोरदार प्रदर्शन किया।

बता दें कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए शिविरा पंचांग (कैलेंडर) ने सारा विवाद खड़ा किया है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि राजस्थान की भीषण गर्मी और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जून महीने में स्कूल खोलना पूरी तरह से गलत फैसला है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना किसी ठोस नियम के गर्मियों की छुट्टियों और संस्था प्रधानों के कोटे के अवकाशों को कम कर दिया है।
शिक्षकों का कहना है कि 45-48 डिग्री तापमान में बच्चों और स्टाफ को स्कूल बुलाना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। गौरतलब है कि यह विरोध केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने साफ चेतावनी दी है कि आंदोलन अब अगले चरण में पहुंच गया है। आगामी 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में एक विशाल शिक्षक रैली निकाली जाएगी।
साथ ही शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी ड्यूटी लगाए जाने का भी विरोध किया है। साथ ही मांग की कि अवकाशों में की कटौती तत्काल समाप्त कर शिविरा कैलेंडर में संशोधन किया जाए। शिक्षक संघ का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र होगा।
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