नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनगणना 2027 के तहत शुक्रवार से स्व-गणना यानी खुद से जानकारी देने की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही दिन अपनी ऑनलाइन गणना पूरी करके नागरिकों के सामने उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया को अत्यंत सरल और सुरक्षित बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया बहुत ही सहज और सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत है। इसे कोई भी नागरिक अपने घर से ऑनलाइन पूरा कर सकता है।” मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सुनिश्चित करें कि उनकी जानकारी सही और पूरी तरह से अपडेट हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रक्रिया की शुरुआत को लेकर दिल्लीवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, “हमारी कोशिश है कि जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, सटीक और नागरिकों के लिए सरल हो।” स्व-गणना प्रणाली के तहत नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि परिवार के सदस्यों की संख्या, आय, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी जानकारी खुद से ऑनलाइन फॉर्म में दर्ज करनी होती है। यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए की गई है, ताकि सभी नागरिक अपनी जानकारी सही तरीके से प्रदान कर सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया में हिस्सा लेते हुए इसे “आसान और पूरी तरह सुरक्षित” बताया। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा, “आज स्व-गणना के माध्यम से जनगणना में मैंने अपना विवरण दर्ज किया। यह प्रक्रिया आसान है और पूरी तरह सुरक्षित भी, जिससे हर नागरिक सहजता से इस अभियान से जुड़ सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “सही जानकारी ही सही नीतियों की नींव बनती है। जब आंकड़े सटीक होते हैं, तभी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचता है और विकास सच में सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है।” उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा, “मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि स्व-गणना में जरूर भाग लें। आपकी भागीदारी ही विकसित दिल्ली और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी।”
NDMC और कैंट में पहले ही हो चुकी है प्रक्रिया
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट इलाकों में स्व-गणना प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इन क्षेत्रों में अब जनगणना से जुड़े कार्यों को और तेज़ी से पूरा करने के लिए ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग’ (घरों की सूची बनाने और आवास संबंधी जानकारी जुटाने) का काम चल रहा है। स्व-गणना के माध्यम से नागरिकों ने अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि जनगणना प्रक्रिया सही और पारदर्शी तरीके से चल रही है। अब इन इलाकों में जनगणना कर्मी घर-घर जाकर हाउसलिस्टिंग कर रहे हैं और लोगों से उनके आवास की स्थिति तथा अन्य संबंधित जानकारी ले रहे हैं, जो विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों के लिए अहम होगी।
LG बोले– घर बैठे जमा कर सकते हैं घर की जानकारी
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्लीवासियों से इस महत्वपूर्ण अभियान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज मैंने अपना स्व-गणना कार्य पूरा कर लिया है, क्योंकि दिल्ली के सभी वार्डों में जनगणना 2027 अभियान आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।” उपराज्यपाल ने दिल्ली नगर निगम की “डिजिटल-फर्स्ट पहल” की सराहना करते हुए कहा, “यह पहल नागरिकों को अपने घर की जानकारी सीधे जमा करने की सुविधा देती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि प्रत्येक निवासी की गिनती सही-सही हो।” उन्होंने यह भी कहा कि “विश्वसनीय डेटा समावेशी शासन और एक मजबूत, विकसित राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है।”अपनी पोस्ट में उपराज्यपाल ने दिल्लीवासियों से अपील की, “मैं दिल्लीवासियों से स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने और जनगणना का समर्थन करने का आग्रह करता हूं। आपकी भागीदारी हमारे शहर और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
अधिकारियों ने बताया स्वगणना के लिए क्या करना होगा
दिल्ली नगर निगम (MCD) वार्डों के सभी निवासी, चाहे वे कहीं के भी रहने वाले हों, अब जनगणना पोर्टल पर लॉग इन करके स्वैच्छिक सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत “हर घर के लिए केवल एक बार लॉग इन करना होगा”, और परिवार का मुखिया या कोई अन्य सदस्य अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके इसे पूरा कर सकता है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि “यूजर्स को पहली बार लॉग इन करते समय अपनी भाषा चुननी होगी, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा।” यह कदम प्रक्रिया को स्थानीय भाषा में अधिक सहज और समझने योग्य बनाने के लिए उठाया गया है। इसके अतिरिक्त, निवासियों को इस प्रक्रिया के दौरान अपने घर के ‘जियोलॉजिकल-कोऑर्डिनेट्स’ (भौगोलिक निर्देशांक) भी दर्ज करने होंगे। इसके लिए वे “सैटेलाइट मैप” पर अपने घर की जगह चुन सकते हैं, या फिर “अक्षांश और देशांश” की जानकारी खुद डाल सकते हैं। यह कदम डेटा को अधिक सटीक बनाने और घरों का सही स्थान चिन्हित करने के लिए अनिवार्य किया गया है।
जनगणना कर्मचारी को देनी होगी 11 अंकों की ID
MCD (दिल्ली नगर निगम) के 250 वार्डों में 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना प्रक्रिया चलेगी, जिसके बाद एक 11 अंकों की ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन ID’ जारी की जाएगी। इस ID को प्राप्त करने के बाद, जब जनगणना कर्मचारी 16 मई से 14 जून तक ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग’ (घरों की सूची बनाने और आवास संबंधी जानकारी जुटाने) के लिए घर-घर जाएंगे, तो लोगों को उन्हें यह ID दिखानी होगी। अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया को आसान और सटीक बनाने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी उपलब्ध कराई गई है, जहां लोग जनगणना से संबंधित किसी भी तरह की मदद प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें हिंदी, अंग्रेज़ी, बंगाली, तमिल और उर्दू जैसी प्रमुख भाषाएं शामिल हैं। इस पहल में FAQs, टूलटिप्स और वैलिडेशन चेक भी पहले से शामिल किए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में सटीकता बनी रहे और नागरिकों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
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