Dharm Desk – Amarnath Yatra 2026 : कब से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, बाबा बर्फानी के दर्शन का क्या महत्व है. बाबा बर्फानी के दर्शन को तैयार हो रहे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है कि अमरनाथ यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होने वाले हैं. यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष तक के श्रद्धालु ही पंजीकरण करा सकेंगे. 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और 6 सप्ताह से आधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

अमरनाथ यात्रा का महत्व
अमरनाथ यात्रा का नाम सुनते ही बर्फ के बीच स्थित महादेव की पवित्र गुफा का चित्र, दृश्य आंखों के सामने आ जाता है. यह यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु की हर मुराद पूरी होती है. जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
पौराणिक कथा बताती है कि यही वह स्थान है, जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था. कथा के दौरान उन्होंने अपने वाहन नंदी, नागों और गणों को दूर भेज दिया ताकि कोई अन्य इस रहस्य को न सुन सके, फिर भी कबूतरों के एक जोड़े ने यह कथा सुन ली. उन्हें अमर माना जाता है. इसी कारण इस गुफा का नाम अमरनाथ पड़ा.
इस यात्रा की खासियत
यात्रा कठिनाइयां भारी होती है. फिर भी श्रद्धालुओं का जोश खत्म नहीं होता. श्रद्धालुओं को 30 से 40 किलोमीटर तक की कठिन चढ़ाई चलनी पड़ती है. यह गुफा जम्मू कश्मीर के हिमालय में करीब 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. जहां भगवान शिव के स्वयंभू हिमलिंग के दर्शन होते हैं. रास्ते संकरे और फिसलन भरे होते हैं और तापमान कई बार माइनस तक पहुंच जाता है. इसके बावजूद श्रद्धालु अटूट आस्था और विश्वास के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर कष्ट सहते हैं.
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