​पटना। बिहार की सियासत ने आज एक ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की कमान सौंपी गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया गया है, जिसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। एनडीए की औपचारिक बैठक के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह कल, 15 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित होगा।

​सम्राट चौधरी का संकल्प: सेवा और सुशासन

​नेतृत्व का दायित्व मिलने के बाद सम्राट चौधरी ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए इसे जनसेवा का पवित्र अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बिहार की जनता के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए शिखर पर ले जाने का संकल्प दोहराया।

​नीतीश कुमार का इस्तीफा और नई भूमिका

​सत्ता परिवर्तन की पटकथा आज सुबह तब साफ हुई जब नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी में सवार होकर राजभवन पहुंचे। राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अब नई व्यवस्था राज्य के विकास कार्यों को गति देगी। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने नई सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही।

​कैबिनेट की आखिरी बैठक और भावुक विदाई

​इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता की। वर्ष 2005 से बिहार की सेवा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मैंने अपनी पूरी क्षमता से प्रदेश के उत्थान के लिए कार्य किया है, और भविष्य में भी मेरा मार्गदर्शन नई सरकार को मिलता रहेगा। इस बदलाव से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनके साथ लंबी मंत्रणा की थी, ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके। बिहार की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव ने आने वाले चुनावों और विकास की दिशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

NDA विधायकों की बैठक

बीजेपी कार्यालय से बाहर निकलने के बाद सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि एनडीए विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में गठबंधन के सभी विधायक शामिल होंगे और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक का उद्देश्य सरकार से जुड़े अहम मुद्दों पर निर्णय लेना और समन्वय मजबूत करना है। सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी सहयोगी दलों के बीच एकजुटता बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया जाएगा। बैठक को लेकर विधायकों में उत्साह है और महत्वपूर्ण फैसलों की संभावना जताई जा रही है।