पटना। राजधानी में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी सेंधमारी की है। इस बार शिकार बने हैं SBI के रिटायर्ड मुख्य प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिन्हा, जिनसे निवेश के नाम पर 95 लाख की ठगी की गई है। ठगी की यह कहानी फेसबुक एड से शुरू होकर व्हाट्सएप चैटिंग, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और भावनात्मक ब्लैकमेलिंग तक जा पहुंची।

​फेसबुक विज्ञापन से संपर्क और फर्जी प्रोफाइल

​अमरेंद्र सिन्हा 31 अगस्त 2024 को रिटायर हुए थे। निवेश की तलाश में उन्होंने फेसबुक पर वेपलोग नाम के एक विज्ञापन पर क्लिक किया, जहां उनकी मुलाकात साक्षी अग्रवाल नाम की युवती से हुई। उसने खुद को मुंबई की ‘VV कंस्ट्रक्शन’ का CEO बताया। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने आधार कार्ड और फोटो तक साझा किए।

​भरोसा जीतने के लिए पहले दिया मुनाफा

​साक्षी ने अमरेंद्र को ‘Polyus Finance Pic’ नामक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश की सलाह दी। शुरुआत में 43 हजार रुपये निवेश करने पर उन्हें करीब 2 हजार रुपये का मुनाफा निकालने दिया गया। इस छोटी सी सफलता ने अमरेंद्र का भरोसा जीत लिया और वे लगातार बड़ी रकम निवेश करने लगे। अक्टूबर 2025 तक उनके डिजिटल वॉलेट में एसेट्स की वैल्यू 3.50 लाख दिखने लगी।

​कमीशन और ऑडिट के नाम पर वसूली

​ठगी का असली खेल तब शुरू हुआ जब अमरेंद्र ने पैसे निकालने की कोशिश की। कंपनी ने मेल भेजकर बताया कि निकासी के लिए 15% एक्सचेंज कमीशन (करीब 45 लाख) जमा करना होगा। जब अमरेंद्र झिझके, तो साक्षी ने खुद के पास से 15 लाख निवेश करने का नाटक किया, जिससे अमरेंद्र का उस पर अटूट विश्वास हो गया। इसके बाद ऑडिट फीस के नाम पर भी 5.33 लाख वसूले गए।

​इमोशनल ड्रामा और अंतिम प्रहार

​बाद में सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 95 लाख की मांग की गई। मना करने पर साक्षी ने मदद का झांसा दिया और पेनल्टी से बचने के लिए किस्तों में पैसे ऐंठती रही। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी मां की बीमारी का बहाना बनाकर ‘बाइनेंस ऐप’ के जरिए डॉलर में भी पैसे मंगवाए। 26 जनवरी 2026 के बाद जब साक्षी का मोबाइल बंद हुआ और संपर्क टूटा, तब अमरेंद्र को ठगी का एहसास हुआ।

​साइबर पुलिस की चेतावनी

​पटना साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आगाह किया है कि:

  • ​सोशल मीडिया पर लुभावने निवेश विज्ञापनों से बचें।
  • ​कोई भी कानूनी कंपनी निवेश के लिए बार-बार अलग-अलग व्यक्तिगत बैंक खातों का उपयोग नहीं करती।
  • ​अनजान ऐप पर अपनी मेहनत की कमाई डालने से पहले SEBI जैसी संस्थाओं से वेरिफिकेशन जरूर करें।