रायपुर. साढ़े तीन दशकों से अधिक समय तक नक्सली हिंसा का दंश झेलने वाला छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्त घोषित हो चुका है. नक्सली प्रभाव के कारण बस्तर के अंदरूनी गांव विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गए थे. कई गांव ऐसे थे, जहां स्वतंत्रता के बाद भी शिक्षा, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं. हालांकि, अब हालात बदल चुके हैं. प्रदेश के नक्सलमुक्त होने के साथ ही इन नन्हीं उम्मीदों को नए पंख मिल गए हैं. अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा हासिल कर आईएएस और आईपीएस बनकर कलेक्टर और एसपी जैसे उच्च पदों तक पहुंचने का सपना देख रहे हैं.

प्रदेश के नक्सल मुक्त होने की खुशी आदिवासी बच्चों के बीच डिप्टी सीएम विजय शर्मा और एसीएस होम मनोज पिंगुआ ने मनाई. नक्सल क्षेत्र के सरकारी स्कूल के बच्चे स्कूल ड्रेस में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और एसीएस होम मनोज पिंगुआ के साथ काफी खुश नजर आए. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें स्कूल ड्रेस में नजर आ रहे बच्चों ने ‘चलो रे चलो कलेक्टर बनने चलोएसपी बनने चलो‘ का गाना गया. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा और एसीएस होम मनोज पिंगुआ ने भी तालियां बजा कर ताल से ताल मिलाया.

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